Vande Bharat: वंदे भारत एक्सप्रेस से हो रहा मोदी सरकार को नुकसान


भारत की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 फरवरी 2019 को नई दिल्ली से वाराणसी के बीच शुरू की गई थी, को लेकर अक्सर यह चर्चा होती रहती है कि क्या यह ट्रेन आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो रही है या नहीं। हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि वंदे भारत एक्सप्रेस से मोदी सरकार को नुकसान हो रहा है। इस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट जवाब दिया और कहा कि यह ट्रेन पूरी तरह से फायदे में है और आगे चलकर और अधिक लाभकारी होगी। रेल मंत्री ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस को एक प्रौद्योगिकी के रूप में देखा जाना चाहिए, जो न केवल यात्रा का अनुभव बदल रही है बल्कि भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत के बाद इसे शुरू में कुछ परिचालन समस्याओं का सामना जरूर हुआ था, लेकिन अब इसका संचालन पूरी तरह से सही दिशा में चल रहा है। इसके अलावा, यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जो इस बात का संकेत है कि यह ट्रेन धीरे-धीरे अपने उद्देश्य की ओर बढ़ रही है। वैष्णव ने यह भी कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस का मुख्य उद्देश्य भारतीय रेलवे के इंजन और कोच निर्माण क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना है। इस ट्रेन के निर्माण में पूरी तरह से भारतीय तकनीकी क्षमता का उपयोग किया जा रहा है, और इस परियोजना के जरिए भारतीय रेलवे की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक नई पहचान मिल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने इसे एक लंबी अवधि के निवेश के रूप में देखा है, जो आने वाले वर्षों में लाभकारी होगा। रेल मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन से भारतीय रेलवे को नए मानकों पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। यह ट्रेन भारतीय यात्रियों को उच्च गुणवत्ता की सुविधाएं प्रदान कर रही है, जो भारतीय रेलवे के लिए एक गेम चेंजर साबित होगी। अंततः, रेल मंत्री के मुताबिक, वंदे भारत एक्सप्रेस सरकार के लिए घाटे का नहीं, बल्कि एक निवेश है जो भविष्य में भारतीय रेलवे को और मजबूत बनाएगा।

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